Wednesday, September 4, 2019

ప్రతి ఒక్కరు ముహర్రం గురించి తెలుసుకోవలసిన విషయాలు - అల్లాహ్ మాసం ముహర్రం



ధనం, ఐశ్వర్యం, పొలం వారసత్వంగా లభించ వచ్చేమోగానీ, ఇస్లాం మాత్రం వారసత్వంగా లభించేది కాదు

Sunday, September 1, 2019

मेरी अविस्मरणीय यात्रा


मेरी अविस्मरणीय यात्रा
सय्यिद हफीजुल्लाह


हमारे जीवन में कछ अनुभव ऐसे होते हैं जो बहुत समय तक हमारे मन से नहीं उतरते। ऐसे अनुभव अत्यंत रोमांचक होते हैं।

वह 2017 अप्रैल का महीना था. मैं अपने परिवार समेत उमरः  करने केलिए रवाना हुवा।  मेरे साथ मेरा बड़ा बाई हसन और बहिन हनान भी थी. हम कुवैत से 24  घंटे की मसाफ़त तै करके खरनुल मनाज़िन पहुंचे। ये ो जगह है जहां से कुवैत से हज उमरा  इहराम बांधते हैं. हम वहाँ पहुंचकर  पिता की निगरानी में शनान किया और दो सफ़ेद कपडे इहराम के पहनकर '"लब्बैक अल्लहुमा लब्बैक "का विरद करते हुवे मक्काः की और चल पड़े. मक्के में होटल से फारिग होकर  काबह की और उमराह करने केलिए निकले।

मक्काः बहुत ही महिमा वाली धरती है, यहां की एक मस्जि जिसका नाम खैफ है उसमें 70 नबियों ने नमाज़ पढ़ी. ये पुण्य भूमि तमाम दुन्या वालों केलिए मार्गदर्शक केंद्र है. और जब तक मक्काः में मौजूद काबह (अल्लाह का पहला घर) है तब तक दुन्या रहेगी। ये स्थल हबूत ही सुरक्षित और शान्ति पूर्वक है. यहां के निष्ठा नियम बहुत ही भक्तिपूर्वक होते हैं, यहां एक बार जाने वाला बार बार जाने की तमन्ना करता है.

मैं बहुत कुश था के अब कुछ ही देर में काबह को देखने वाला हूँ. जब मेरी नज़र कबः पड़ी मैं मदहोस सा होगया, क्या करना है मुझे कुछ याद नहीं रहा , मेरे माता और पिता थे जो मेरा हाथ पकड़ कर उमराह करवाया। मैं तवाफ़ के दौरान काबह को देखते रह गया, काबह के बराबर सातवें आसमान पर बैतूल मामूर है, जैसा इनसानो केलिए ज़मीन में काबह है वैसे फरिश्तों केलिए आसमान में बैतूल मामूर है. और बैतूल मामूर के सीधे में ऊपर जन्नत है, और सृष्टि में सैम से ऊपर अल्लाह का अर्श है, उससे ऊपर कोई नहीं। तवाफ़ के बाद मैंने मक़ाम इब्राहीम के पास 2  नमाज़ अदा किया, और फिर ज़मज़म पवित्र जल का सेवन किया। ये पूरी  सबसे शुद्ध और शुभ, स्वच्छ पानी है. इसके पेट वक़्त जोभी अच्छी मनो कामना होगी अल्लाह उसको ज़रूर पूरा करेंगे। उसके बाद मैंने साफा और मारवाह दो पहाड़ियों के दरमियान साई रस्म पूरी की, और बाल निकाल कर उमराह पूरा किया अल्हम्दु लिल्लाह। सावधान के साथ आप सभी ने मेरी यात्रा सुनी , आप सब का धन्यवाद करता हूँ,